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1561
तुमने जिसको दिया सहारा उसको मिला किनारा है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1562
सांवरिया आ जाओ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1563
माहे भी अवगा म्हने बुलाल्यो थे सरकर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1564
आप अपना मुझे भी बना लीजिये,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1565
हे मात पिता गुरुवर मेरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1566
साँवरे की सेवा में जो मस्ती
- रवि शर्मा (श्रीगंगानगर)
श्री कृष्ण
1567
सुनता है तू सबकी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1568
म्हारे घरा आओ एक बार बाबा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1569
जब जब घूमे बाबा थारी मोरछड़ी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1570
गिरतो को सम्बाला है हर मुश्किल को टाला है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1571
तू मेरा वेलेंटाइन है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1572
तेरे खाटू में आकर रुकना जरुरी हो गया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1573
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में है
गोविन्द भार्गव
श्री कृष्ण
1574
ओ खाटू वाले बाबा मेरी लाज रखो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1575
कान्हा कान्हा कब से पुकारू हर पल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1576
बाबा मेरे खाटू वाले तू कर दे उजाले अँधेरे मन में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1577
मांगे मोसे चन्द्र खिलौना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1578
म्हे भी आवंगा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1579
निहारु मैं सुबहो शाम तुझको
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1580
बाबा मेरे खाटू वाले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1581
अखा नु उडीका तेरियां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1582
सँवारे सलोने जैसा यार मिल गया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1583
तन भी खाटू मन भी खाटू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1584
माहरो श्याम धनि झट आवे लो
पारंपरिक
श्री कृष्ण