दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 634 / 950, कुल 22,784 भजनों में से)
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हर रोती हुई आँख को हंसा तेरी मेहरबानी होवेगी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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राधे ब्रज जन मन सुखकारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15195
नमस्कार भगवन तुम्हें भक्तों का बारम्बार हो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15196
हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15197
दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी
संत सूरदास
श्री कृष्ण
15198
हरि गोविंदा - पावन प्रेम रस भजन
मीरा बाई
श्री कृष्ण
15199
भजन: हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना..
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15200
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15201
बनु दास जनम जनम तक
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15202
मोहे मुरली बना लेना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15203
हे कृष्ण गोपाल हरि हे दीन दयाल हरि
मीरा बाई
श्री कृष्ण
15204
भजन: सांवरे को दिल में बसा के तो देखो (Bhajan: Sanware Ko Dil Me Basa Kar To Dekho)
मीरा बाई
श्री कृष्ण
15205
कमलनयन श्याम - चितवन अति प्यारी कीर्तन
गुरु नानक देव जी
श्री कृष्ण
15206
तेरे कितने है मुझपे एहसान, हर घडी़ मैं जपूँ तेरा नाम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15207
भज राधे गोविंदा रे पगले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15208
तुझसा दयालु नहीं प्यारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15209
श्यामा तेरे चरणों की, गर धूल जो मिल जाए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15210
हमारे दो ही रिश्तेदार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15211
हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15212
नटवर नागर - पावन प्रेम रस स्तुति
पारंपरिक भजन
श्री कृष्ण
15213
बाँधा था द्रौपदी ने तुम्हे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15214
मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम
संत सूरदास
श्री कृष्ण
15215
घनश्याम तुम ना आये, जीवन ये बीता जाये
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15216
बांके बिहारी कृष्ण मुरारी
मीरा बाई
श्री कृष्ण