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वृंदावन चिठियाँ पावागे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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मुरली मनोहर - चितवन अति प्यारी संकीर्तन
पारंपरिक भजन
श्री कृष्ण
15171
शंकर के द्वारे चले काँवरिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15172
राधा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे।
संत सूरदास
श्री कृष्ण
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हरि गोविंदा - पावन प्रेम रस विनय पद
संत तुलसीदास
श्री कृष्ण
15174
कमलनयन श्याम - चितवन अति प्यारी भजन
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
श्री कृष्ण
15175
श्याम तेरा कीर्तन जो, मन से कराता है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15176
मैं खाटू में आऊँ बाबा सातों जनम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15177
हाय नजर ना लग जाये
संत सूरदास
श्री कृष्ण
15178
पधारो म्हारा बाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15179
देवता भी स्वार्थी थे, दौड़े अमृत के लिए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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नटवर नागर - पावन प्रेम रस कीर्तन
संत कबीर
श्री कृष्ण
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चलो अयोध्या बन गया मंदिर राजतिलक अब होवेगा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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श्री हनुमान साठिका
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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आनंदकंद - चितवन अति प्यारी स्तुति
संत तुकाराम
श्री कृष्ण
15184
सखी मेरी चुनर पे रंग गयो डाल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15185
राम भजन - राम नाम की लूट है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15186
गिरधारी लाल - पावन प्रेम रस संकीर्तन
संत सूरदास
श्री कृष्ण
15187
बंसी वाले के चरणों में, सर हो मेरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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मुरली मनोहर - चितवन अति प्यारी विनय पद
संत रविदास
श्री कृष्ण
15189
बाबा श्याम तू कद सुणसी रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15190
तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
15191
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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बाबा मुझे ये तो बता कोई इतना भी देता है क्या
पारंपरिक
श्री कृष्ण