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14953
गिरधारी लाल - पावन प्रेम रस भजन
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
श्री कृष्ण
14954
हरी नाम सुमिर सुखधाम, जगत में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14955
इतनी किरपा सांवरे बनाये रखना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14956
हरि हरि हरि सुमिरन करो
संत सूरदास
श्री कृष्ण
14957
हरि तुम हरो जन की भीर
मीरा बाई
श्री कृष्ण
14958
उठ खड़ा हो लक्ष्मण भैया जी ना लगे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14959
चलो अयोध्या राम राज मे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14960
मुरली मनोहर - चितवन अति प्यारी कीर्तन
संत कबीर
श्री कृष्ण
14961
श्याम सखियां तो डरदा मारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14962
मेरी पूजा में हो रही देर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14963
चलो भोले बाबा के द्वारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14964
दर्शन दिया, मुझे दर्शंन दिया
संत सूरदास
श्री कृष्ण
14965
मेरे सरकार का, दीदार बड़ा प्यारा है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14966
हरि गोविंदा - पावन प्रेम रस स्तुति
संत तुकाराम
श्री कृष्ण
14967
हर कदम पे तुम्हे होगा आभास सांवरे का
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14968
टाबरिया बैठा है, जो देणो है सो बाँट दे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14969
कभी भूलू ना.. मेरे राधा रमण
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14970
करो कृपा कुछ ऐसी, तेरे दर आता रहूँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14971
सिंघ सवारी महिमा भारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14972
कमलनयन श्याम - चितवन अति प्यारी संकीर्तन
संत सूरदास
श्री कृष्ण
14973
राम का नाम लो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14974
श्याम ने रंगस्या जी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14975
नटवर नागर - पावन प्रेम रस विनय पद
संत रविदास
श्री कृष्ण
14976
श्याम प्यारे की है सरकार, हमें डर काहे को
पारंपरिक
श्री कृष्ण