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14857
साँवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठाणी है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14858
लाज रखो हे कृष्ण मुरारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14859
आनंदकंद - चितवन अति प्यारी कीर्तन
संत तुलसीदास
श्री कृष्ण
14860
कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14861
गिरधारी लाल - पावन प्रेम रस स्तुति
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
श्री कृष्ण
14862
राम चरण चित लाई रे, भजो राधे गोविंदा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14863
चलो मन गंगा जमुना तीर
मीरा बाई
श्री कृष्ण
14864
हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14865
मुरली मनोहर - चितवन अति प्यारी संकीर्तन
संत कबीर
श्री कृष्ण
14866
हरि गोविंदा - पावन प्रेम रस विनय पद
संत तुकाराम
श्री कृष्ण
14867
कलयुग का देव निराला मेरा श्याम है खाटू वाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14868
दर पे तुम्हारे सांवरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14869
बंसी बजा के मेरी निंदिया चुराई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14870
हे गिरधर गोपाल लाल तू आजा मोरे आँगना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14871
दिखा दे थारी सुरतियाँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14872
जय श्री वल्लभ, जय श्री विट्ठल, जय यमुना श्रीनाथ जी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14873
कमलनयन श्याम - चितवन अति प्यारी भजन
संत सूरदास
श्री कृष्ण
14874
कृपा की न होती जो, आदत तुम्हारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14875
जिसको जीवन में मिला सत्संग है
संत तुलसीदास
श्री कृष्ण
14876
प्रभु के चरणों से सच्चा प्यार
मीरा बाई
श्री कृष्ण
14877
सुन राधिका दुलारी में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14878
राधे राधे गा ले तेरी बात बन जाएगी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14879
नटवर नागर - पावन प्रेम रस कीर्तन
संत रविदास
श्री कृष्ण
14880
ज्योति कलश छलके
पारंपरिक
श्री कृष्ण