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आनंदकंद - चितवन अति प्यारी संकीर्तन
संत तुलसीदास
श्री कृष्ण
14786
सावन भजन: आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14787
हे मुरलीधर छलिया मोहन
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14788
झूलन चलो हिंडोलना, वृषभान नंदनी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14789
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14790
गिरधारी लाल - पावन प्रेम रस विनय पद
अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना
श्री कृष्ण
14791
करुणामयी किरपामयी, मेरी दयामयी राधे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14792
झूला पड्यो है कदम्ब की डार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14793
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14794
कान्हा मेरी राखी का, तुझे कर्ज चुकाना है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14795
फूलों में सज रहे हैं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14796
गजरा गिर गया जमुना जल में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14797
मैं हर पल गाता जाऊं, ओम नम शिवाय
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14798
मुरली मनोहर - चितवन अति प्यारी भजन
संत कबीर
श्री कृष्ण
14799
मोरे उज्जैन के राजा करों किरपा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14800
हरि गोविंदा - पावन प्रेम रस कीर्तन
संत तुकाराम
श्री कृष्ण
14801
तुलसा कर आई चारों धाम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14802
घनश्याम तुम्हारे मंदिर में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14803
राधा का चितचोर कन्हैया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14804
नित नयो लागे साँवरो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14805
कमलनयन श्याम - चितवन अति प्यारी स्तुति
संत सूरदास
श्री कृष्ण
14806
बाबा करले तू इत्थे भी नजर भगत कोई रोता होवेगा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14807
इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14808
नटवर नागर - पावन प्रेम रस संकीर्तन
संत रविदास
श्री कृष्ण