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मिला के श्याम से नजरे तू दिल की बतला दे पारंपरिक
श्री कृष्ण
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होली खेलन आप चालागा खाटू धाम पारंपरिक
श्री कृष्ण
14331
रंग चटक डाल गेयो चोली में पारंपरिक
श्री कृष्ण
14332
मेरे जैसा भगत भी बाबा खोजेया नहीं मिलेगा पारंपरिक
श्री कृष्ण
14333
होली खेलन राधा आई रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
14334
हर पल मुस्काता हु मैं मौज उड़ाता हु पारंपरिक
श्री कृष्ण
14335
ओ खाटू के राजा तेरा दर्शन किया पारंपरिक
श्री कृष्ण
14336
मोहन आवो तो सही पारंपरिक
श्री कृष्ण
14337
कान्हा तेरी याद में ब्रज सारा रोये पारंपरिक
श्री कृष्ण
14338
आओगे जब तुम ओ सांवरे दिल के द्वार खुलेंगे पारंपरिक
श्री कृष्ण
14339
होली खेलन को आयो रे श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
14340
होली खेलुगी तेरे संग श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
14341
खाटू वाले श्याम तेरी बात निराली पारंपरिक
श्री कृष्ण
14342
होली खेलन दे पारंपरिक
श्री कृष्ण
14343
रहो श्याम शरण सदा रहोगे मौज में पारंपरिक
श्री कृष्ण
14344
ये जग मेरा वैरी हो गया पारंपरिक
श्री कृष्ण
14345
कान्हा ने रंग डारी रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
14346
प्रेम से लगाओ गुलाल कान्हा पारंपरिक
श्री कृष्ण
14347
है कण कण में झांकी भगवान् की संत सूरदास
श्री कृष्ण
14348
चाल दिखाऊ तने नजारा खाटू धाम का पारंपरिक
श्री कृष्ण
14349
आया फागुन का त्यौहार खेला गे होली खाटू में पारंपरिक
श्री कृष्ण
14350
दीवाना खाटू वाले श्याम का पारंपरिक
श्री कृष्ण
14351
रंग दिये नंद गोपाल बरसाने वाली ढूंढ रहे पारंपरिक
श्री कृष्ण
14352
प्रेम की डोर जब से बंधी आपसे पारंपरिक
श्री कृष्ण