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14329
मिला के श्याम से नजरे तू दिल की बतला दे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14330
होली खेलन आप चालागा खाटू धाम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14331
रंग चटक डाल गेयो चोली में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14332
मेरे जैसा भगत भी बाबा खोजेया नहीं मिलेगा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14333
होली खेलन राधा आई रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14334
हर पल मुस्काता हु मैं मौज उड़ाता हु
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14335
ओ खाटू के राजा तेरा दर्शन किया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14336
मोहन आवो तो सही
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14337
कान्हा तेरी याद में ब्रज सारा रोये
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14338
आओगे जब तुम ओ सांवरे दिल के द्वार खुलेंगे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14339
होली खेलन को आयो रे श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14340
होली खेलुगी तेरे संग श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14341
खाटू वाले श्याम तेरी बात निराली
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14342
होली खेलन दे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14343
रहो श्याम शरण सदा रहोगे मौज में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14344
ये जग मेरा वैरी हो गया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14345
कान्हा ने रंग डारी रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14346
प्रेम से लगाओ गुलाल कान्हा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14347
है कण कण में झांकी भगवान् की
संत सूरदास
श्री कृष्ण
14348
चाल दिखाऊ तने नजारा खाटू धाम का
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14349
आया फागुन का त्यौहार खेला गे होली खाटू में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14350
दीवाना खाटू वाले श्याम का
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14351
रंग दिये नंद गोपाल बरसाने वाली ढूंढ रहे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14352
प्रेम की डोर जब से बंधी आपसे
पारंपरिक
श्री कृष्ण