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चलो जी चलो चलो वृद्धावन पारंपरिक
श्री कृष्ण
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मैया दूल्हा मोहे बनायदे पं अशोक कृष्ण ठाकुर जी महाराज
श्री कृष्ण
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आजा सावरे रो रो अखिया पुकारदी पारंपरिक
श्री कृष्ण
12700
मटकी आप चटक गयी होयगी पं पूज्य श्री अशोक कृष्ण ठाकुर जी
श्री कृष्ण
12701
कन्हैया किसको कहेगा तू मैया पारंपरिक
श्री कृष्ण
12702
हमारे घर में भी रोटी तेरे खाटू से आती है पारंपरिक
श्री कृष्ण
12703
तेरी सेवा की बस एह कन्हियाँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
12704
ओ रे सँवारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
12705
तेरे चरणों का फूल श्याम जाऊ न दूर पारंपरिक
श्री कृष्ण
12706
यहाँ से मैं हारा तेरे दर पे आया पारंपरिक
श्री कृष्ण
12707
वेखना वे असा राधा तेरे श्याम नु पारंपरिक
श्री कृष्ण
12708
मेरी डूभी हुई नैया को किनारा दे दो पारंपरिक
श्री कृष्ण
12709
आयो मेरो श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
12710
तू है मेरा मैं हु तेरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
12711
जग प्रेम बड़ा बलधारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
12712
बांह थामो मेरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
12713
सिर पे हाथ है तेरा पारंपरिक
श्री कृष्ण
12714
सांवरिया तेरी चाहत ने पारंपरिक
श्री कृष्ण
12715
श्याम ये दूरियां पारंपरिक
श्री कृष्ण
12716
मेरे सांवरियां सरकार भरोसो तेरो है पारंपरिक
श्री कृष्ण
12717
लेलो शरण कन्हियाँ दुनिया से हम है हारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
12718
हे गोविंद हे गोपाल अब तो जीवन हारे गिरधर महाराज
श्री कृष्ण
12719
खाटू में हम बस जाते पारंपरिक
श्री कृष्ण
12720
जब भी पड़ी कोई दरकार पारंपरिक
श्री कृष्ण