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11905
वेहड़े विच्च श्याम आए ने
सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण
11906
आपका शुक्रिया आपका ये करम,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11907
तुम तस्वीर में बेठे ऐसे क्यों मुश्कुराते हो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11908
मेरे मोहन पीया मुस्करा दे ज़रा
अलका गोएल
श्री कृष्ण
11909
ग्वाल बाल की टोली
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11910
मेरा कान्हा है तुफानी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11911
दुनिया से हारी मेरे श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11912
ना मैं मीरा ना मैं राधा फिर भी श्याम को पाना है
पूज्य कृष्ण चन्द्र शास्त्री (ठाकुर जी)
श्री कृष्ण
11913
मुझको ये गम नहीं के बदला है ये ज़माना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11914
अबके फागुन में खेले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11915
भीख नहीं मुझे चाहिए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11916
करदो री सखी मेरा शृंगार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11917
सारी दुनिया छोड़ सँवारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11918
कान्हा ले गई जिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11919
चाँदी के दरवाजे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11920
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले
सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण
11921
दीदार बड़ा प्यारा है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11922
मेरा बाबा खाटू वाला खोले किस्मत का ताला,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11923
मेरे नैना लड़ गए यार मुरलिया वाले से
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11924
आ बैठ मेरी गोदी में तुझको निहार लू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11925
मांगना हो तो मानगो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11926
हे श्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11927
तू साई साई बोल रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
11928
श्याम मिलेंगे वृन्दावन की हर एक गलियों में
पारंपरिक
श्री कृष्ण