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11881
खाटु श्याम वन्दना पारंपरिक
श्री कृष्ण
11882
श्याम प्रभु ने भुलाया है पारंपरिक
श्री कृष्ण
11883
साँवरा दयालु है प्रेम को निभाता है पारंपरिक
श्री कृष्ण
11884
फागुन का मेला आया है पारंपरिक
श्री कृष्ण
11885
बिन पिए नशा हो जाता है पारंपरिक
श्री कृष्ण
11886
मेरे श्याम के जलवो की पारंपरिक
श्री कृष्ण
11887
वादा निभाना मेरे सँवारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
11888
बोलो राधे कृष्णा पारंपरिक
श्री कृष्ण
11889
हर ग्यारस पर श्याम बुलाते है पारंपरिक
श्री कृष्ण
11890
आँखों में बस गई है मनमोहक छवि पारंपरिक
श्री कृष्ण
11891
शीश का दानी है तू पारंपरिक
श्री कृष्ण
11892
डंका दुनिया में बाजे रे मची है धमाल, पारंपरिक
श्री कृष्ण
11893
जप ले हरी का नाम पारंपरिक
श्री कृष्ण
11894
इतना ना सज मेरे बाबा पारंपरिक
श्री कृष्ण
11895
लगता कमाल बाबा लगता कमाल पारंपरिक
श्री कृष्ण
11896
मेरा कोई न सहारा हारे के ओ सहारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
11897
आजा रे दीवाने तू सँवारे के मेले में पारंपरिक
श्री कृष्ण
11898
सबकी सुनती है ये महारानी पारंपरिक
श्री कृष्ण
11899
एक बार संवारे से तू नजरे मिला के देख पारंपरिक
श्री कृष्ण
11900
है शुक्र तेरा के तूने अपना बना लिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
11901
श्यामा ऐवे ना बजाया कर बंसरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
11902
मेरी मंज़िल तेरा धाम पारंपरिक
श्री कृष्ण
11903
ग्यारस की रात आई पारंपरिक
श्री कृष्ण
11904
खाटू वाले शीश के दानी पारंपरिक
श्री कृष्ण