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10753
कभी ना कभी तो हे राधा रानी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10754
तड़पती हुं विरह में श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10755
दिखवा है ये धन दोलत
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10756
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10757
म्हणे भी भुला ले बाबा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10758
भानू भवन में बजे बधाइयां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10759
मेरे घर आ जाओ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10760
मेरी खुशियों का रहा ना ठिकाना
पूनम यादव
श्री कृष्ण
10761
कलियुग के घोर अंधेरे में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10762
मैया जल्दी से ब्याह करवा दे छोटी दुल्हन तू घर में माँ लादे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10763
पलकों से उदासी को
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10764
कण कण में है मईया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10765
आजा श्यामा तू वे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10766
जोई वृषभानु नंदिनी राधे सोई मम स्वामिनी श्री राधे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10767
मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10768
जो वृंदावन में आए नहीं मोहन का ठिकाना क्या जाने
प्रकाश तिवारी मधुर
श्री कृष्ण
10769
रे मन मेरे बावरे तू ले चल परली पार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10770
हमे राधा रानी तेरे नाम का सहारा
चित्र विचित्र
श्री कृष्ण
10771
तूने बांसुरी बजाई तो धमाल हो गया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10772
नैन तेरे कज़रारे हैं घूँघर वाले वाल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10773
बज गए ढोल नगाड़े होय
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10774
ऐसे प्यारे हैं मेरे राधारमण
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10775
खाटू नगरी की पुकार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10776
अब तू ही बता गोपाल कुण पार लगावेगो
लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण