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10705
सावन की सबको बधाई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10706
मुरलिया वाले रे बांसुरिया वाले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10707
राधा रानी के नथ पे मोर नाचे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10708
थारी मोरछड़ी लहराओ
रिंकू शर्मा (रसिक)
श्री कृष्ण
10709
एक बार आकर देख यहां पर खुशियां मिलती है यहां मोरछड़ी के झाड़े से तकदीर बदलती है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10710
प्रभु थाम लो अब ये हाथ मेरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10711
कभी तेरा दवार न छुटे तू मुझसे कभी न रूठे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10712
चालो चालो जी वावर जी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10713
राधारमण हमारौ प्यारो प्यारो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10714
बाबा कीर्तन है तेरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10715
बुला लो गोकुल नगरी ओ मुरली वाले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10716
मैं राधा राधा नाम सिमरू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10717
मेंरे घनश्याम मैँ तेरे नशे में जीता हूँ
रामश्रीवादी अनुरोध
श्री कृष्ण
10718
जिनको जिनको मिला सहारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10719
आजा कुंज वाली गलियां ओ सांवरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10720
सावन का महीना, घटाएं घनघोर । झूला झूले राधा, झुलावे नंदकिशोर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10721
मैं राधा चरन की हूँ शरन
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10722
गल दिल दी दस शामा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10723
भावों की चाशनी में बनाके मिठाई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10724
तेरी छवि मन भायी तोसे प्रीत लगाई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10725
ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10726
म्हारो जनम सुधारों घनश्याम,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10727
श्यामधणी थारा लाड़ म्हे लडा़वण आया हां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10728
रसना हरि हरि तूं बौल
पारंपरिक
श्री कृष्ण