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बाबा को बुलाओ खाटू से आयो रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
10418
म्हाने श्याम को सिंगार बड़ो प्यारो लागे पारंपरिक
श्री कृष्ण
10419
काहेँ तेरी अखियोँ मे पानी पारंपरिक
श्री कृष्ण
10420
चाहे वृन्दावन हमसे दूर है पारंपरिक
श्री कृष्ण
10421
मैं पतंग हूं बाबा पारंपरिक
श्री कृष्ण
10422
मेरो घर आउन श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
10423
प्रवीन चुघ की बृज यात्रा से वृंदावन हम जाएँगे पारंपरिक
श्री कृष्ण
10424
जय जय तुलसी माता पारंपरिक
श्री कृष्ण
10425
उलझ मत दिल बहारों में दासानुदास श्रीकान्त दास जी महाराज ।
श्री कृष्ण
10426
फागण मेला आया बाबा बुला रहा खाटू बुला रहा पारंपरिक
श्री कृष्ण
10427
ये खाटू धाम हैं पारंपरिक
श्री कृष्ण
10428
मेरी बरसाने कुटिया बना दो लाडली पारंपरिक
श्री कृष्ण
10429
परमात्मा है प्यारे तेरी आत्मा के अन्दर पारंपरिक
श्री कृष्ण
10430
जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे पारंपरिक
श्री कृष्ण
10431
भरोसे हम तो बाबा के जो होगा देखा जायेगा पारंपरिक
श्री कृष्ण
10432
बड़ी दूर से चलकर आया हूं पारंपरिक
श्री कृष्ण
10433
घाघरे में घुँघरू जड़ा दे रसिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
10434
होली खेलने मैं तो वृन्दावन आऊंगी पारंपरिक
श्री कृष्ण
10435
होरी मे धूम मचायो रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
10436
भागा रे भागा रे नंदलाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
10437
बरसाना आयो रे मोहन वृन्दावन से पारंपरिक
श्री कृष्ण
10438
मेरे गुरुवर भक्ति रस अवतार सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण
10439
खाटू मै रंगों की बौछार पारंपरिक
श्री कृष्ण
10440
कन्हैया होरी खेलन आयो पारंपरिक
श्री कृष्ण