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10393
महिनो फागण को भाईड़ा बाबो श्याम बुलावे जी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10394
खाटू नगरी जो भी आया बनते उसके काम है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10395
मिलि द्वै द्वै ह्वै गये चार यार
सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण
10396
श्यामा-श्याम नाम रूप लीला गुण धामा। गाओ रोके रूपध्यान युक्त आठों यामा
सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण
10397
ज़माना मतलब दा
सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण
10398
Kesa Rang Lagayo Kanha
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10399
बैगा चलो रे बाबा को बुलाओ खाटू से आयो रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10400
भगवान तुम्हारे मंदिर में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10401
होरी हौ होरी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10402
बोलो राधे राधे बोलो राधे राधे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10403
राधे राधे गोविंद गोविंद राधे। राधे राधे गोविंद गोविंद राधे
सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण
10404
मोहिं लीनो मोल बिनु दाम री, कामरी-वारे ने
सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण
10405
नचो नचो नचो रूत नचने दी आई ए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10406
घर आजा सांवरा मेरा दिल बावरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10407
होली के बहाने आया वो मेरे पास
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10408
आया फागुन का त्योहार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10409
जय जय रस बरसाने वारी, जय जय बरसाने वारी
सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण
10410
निर्मोहिया सों नेहा लगाय, हाय! मैं लुटि गई री
सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण
10411
म्हारे गुरुदेव घर आया रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10412
जय राधे जय कृष्णा,जय हो वृन्दावन
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10413
आया फागण मेला रे, देखो हर कोई खाटू जावे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10414
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे। प्रेम रूप रस राधे राधे राधे
सुश्री अखिलेश्वरी देवी
श्री कृष्ण
10415
श्याम तेरे अहसान भूले ना भूलू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10416
अंखियां मेरियां लड़ियां नाल श्याम दे
पारंपरिक
श्री कृष्ण