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किथो ने रंगईयाँ अंखा पुछदीया सारियां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10154
ਮੇਰੀ ਖੁੱਲ੍ਹ ਗਈ ਪਟਕ ਦੇ ਕੇ ਅੱਖ ਨੀ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10155
मुझे अपने ही रंग में तूँ रंग साँवरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10156
तेरा करया जागरण आज जी माँ मनसा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10157
हे कान्हा तोसे कैसे नैन मिलाऊँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10158
मेरी मटकी फोड़ी री यशोदा, तेरे श्याम ने
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10159
मेरे शाम आऐ दिल दे मोहल्ले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10160
अखियां लड़ गईया श्याम दे नाल-नया रूपांतर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10161
अँखियां जा लड़ीयां शाम दे नाल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10162
जदों याद शाम दी आई छम छम रोण अक्खियां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10163
कान्हा छोडो माखन चुराना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10164
एक तू जो मिला सारी दुनिया मिली
अलका गोएल
श्री कृष्ण
10165
ये ज्योत मेरी मैंया की मर्जी से जलती है इस ज्योत को नमन करो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10166
राधारमण कजरारी तोरी अंखियां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10167
बल्ले बल्ले बिरज विच शाम आ गया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10168
राधा नचदी श्याम दे नाल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10169
गोकुल में शोर मचाया श्याम मटकी फोड़ने आया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10170
जे इक तेरा प्यार मैनू मिल जावे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10171
ਮੈਂ ਗੁਜ਼ਰੀ ਹਾਂ ਗੋਕੁਲ ਦੀ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10172
तुझे देख के दिल भरता ही नहीं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10173
सुन लो श्याम पुकार हमारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10174
रमण मेरो छोटो सो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10175
रोटियां दे मेहने मारदी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10176
प्रभु आते आते बहुत देर कर दी
पारंपरिक
श्री कृष्ण