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रोये रोये पाती रुक्मणि बिटिया लिख रही जी विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण
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तेरे दर आन वालेया दी बेड़ी कदे न अड़ी पारंपरिक
श्री कृष्ण
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मुझे होठों से लगा लो मेरे श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
10060
चोरी चोरी माखन खाई गयो रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
10061
श्री राधा-राधा नाम हैं,जीवन प्राण हमारा पारंपरिक
श्री कृष्ण
10062
आई रे आई रे अष्टम भादो की आई,प्रगट भये हैं आज शाम लला पारंपरिक
श्री कृष्ण
10063
लागी, तुम संग, यारी, मेरे, बांके बिहारी ll पारंपरिक
श्री कृष्ण
10064
दिल मेरा ले गया सॉवरियॉ पारंपरिक
श्री कृष्ण
10065
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो पारंपरिक
श्री कृष्ण
10066
युगल सरकार हैं सिर पर,तसल्ली दिल में रहती है पारंपरिक
श्री कृष्ण
10067
फूलों से सजा दो गोकुल को पारंपरिक
श्री कृष्ण
10068
ਹੈ ਮੱਖਣਾਂ ਦਾ ਚੋਰ पारंपरिक
श्री कृष्ण
10069
आज मेरे श्याम नें आना हैं पारंपरिक
श्री कृष्ण
10070
ਮਨ ਵੇ ਭਜਨ ਕਰ ਗੋਬਿੰਦ ਦਾ पारंपरिक
श्री कृष्ण
10071
घर आया मेरा नंदलाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
10072
तेरे चरणों मैं मुझको जगह देना पारंपरिक
श्री कृष्ण
10073
नैना थक गए राह निहारूं, पारंपरिक
श्री कृष्ण
10074
कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
10075
यशोदा तेरा लाला किधर गयो रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
10076
मेरी सुन लो पुकार गिरधारी मैं बुला बुलाकर हारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
10077
कान्हा कैसी करी है चतुराई रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
10078
ज़रा जल्दी से आजा साँवरिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
10079
रथडो धीमे धीमे हाको संवारा वृंदावन ले चाल सुखदेव जी भारती।
श्री कृष्ण
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जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई पारंपरिक
श्री कृष्ण