दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 420 / 950, कुल 22,784 भजनों में से)
10057
रोये रोये पाती रुक्मणि बिटिया लिख रही जी
विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण
10058
तेरे दर आन वालेया दी बेड़ी कदे न अड़ी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10059
मुझे होठों से लगा लो मेरे श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10060
चोरी चोरी माखन खाई गयो रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10061
श्री राधा-राधा नाम हैं,जीवन प्राण हमारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10062
आई रे आई रे अष्टम भादो की आई,प्रगट भये हैं आज शाम लला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10063
लागी, तुम संग, यारी, मेरे, बांके बिहारी ll
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10064
दिल मेरा ले गया सॉवरियॉ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10065
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10066
युगल सरकार हैं सिर पर,तसल्ली दिल में रहती है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10067
फूलों से सजा दो गोकुल को
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10068
ਹੈ ਮੱਖਣਾਂ ਦਾ ਚੋਰ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10069
आज मेरे श्याम नें आना हैं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10070
ਮਨ ਵੇ ਭਜਨ ਕਰ ਗੋਬਿੰਦ ਦਾ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10071
घर आया मेरा नंदलाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10072
तेरे चरणों मैं मुझको जगह देना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10073
नैना थक गए राह निहारूं,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10074
कान्हा कारो कारो बरसाने वाली गोरी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10075
यशोदा तेरा लाला किधर गयो रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10076
मेरी सुन लो पुकार गिरधारी मैं बुला बुलाकर हारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10077
कान्हा कैसी करी है चतुराई रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10078
ज़रा जल्दी से आजा साँवरिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10079
रथडो धीमे धीमे हाको संवारा वृंदावन ले चाल
सुखदेव जी भारती।
श्री कृष्ण
10080
जन्म लियो जब श्याम ने भादो अष्टमी आई
पारंपरिक
श्री कृष्ण