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छोड़ेंगे ना हम तेरा द्वार ओ बाबा पारंपरिक
श्री कृष्ण
9530
गगरिया फोड़ दी मेरी लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण
9531
सावन आयो आवो नंदलाल पारंपरिक
श्री कृष्ण
9532
श्याम धणी अपने भक्ता ने खूब टटोले रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
9533
श्यामा फड़ेया पितांबर तेरा पारंपरिक
श्री कृष्ण
9534
मैं अपना किसे बनाऊं तुझे देखने के बाद पारंपरिक
श्री कृष्ण
9535
मोर छड़ी थारा हाथा में पारंपरिक
श्री कृष्ण
9536
हर जनम में सँवारे का साथ चाहिए पारंपरिक
श्री कृष्ण
9537
चलो री सखी फागुन फ़ाग मनाने पूनम यादव
श्री कृष्ण
9538
श्याम होली खेलने आया पारंपरिक
श्री कृष्ण
9539
हार गया मैं इस दुनिया से पारंपरिक
श्री कृष्ण
9540
रंग बरसे नाचे कृष्ण मुरारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
9541
थाम लो ना हाथ मेरा सांवरे पारंपरिक
श्री कृष्ण
9542
सांवल सा गिरधारी मीरा बाई
श्री कृष्ण
9543
वृन्दावन के कृष्ण मुरारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
9544
तू खाटू होकर आना पारंपरिक
श्री कृष्ण
9545
मुझको माधव का सहारा मिल गया पारंपरिक
श्री कृष्ण
9546
सांवरिया तेरे नैन मेरा दिल ले गए पारंपरिक
श्री कृष्ण
9547
मेरे ब्रज की माटी चंदन है पारंपरिक
श्री कृष्ण
9548
मीठी बंसी बजावे म्हारो श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
9549
मुझको अगर तू फूल बनाता ओ साँवरे पारंपरिक
श्री कृष्ण
9550
मैं तो बरसाने कुटियाँ बनाऊगी पारंपरिक
श्री कृष्ण
9551
बाबा नन्द के लाल पारंपरिक
श्री कृष्ण
9552
हार के भी जो ना हारे जीतकर वो जायेगा पारंपरिक
श्री कृष्ण