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7417
थारो बहुत बड़ो दरबार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7418
मुझे मरे श्याम मोहब्बत दे दो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7419
चाल गौरी फागनिये में खाटू चाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7420
एक दिन मैं भी खाटू आऊं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7421
तीनों लोकों में है सबसे निराला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7422
ओर कहीं ना जायें
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7423
मैं तेरी पतंग सांवरे तेरे हथ डोर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7424
राधा रानी कृपा कीजिए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7425
झिरमिर झिरमिर आँख्या से
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7426
बता दो ए मेरे मोहन तेरा दीदार कैसे हो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7427
रुला क्यों रहे हो मुझे मुरली वाले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7428
थाने परदे में राखा जी बाबा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7429
मोहे झांकी दे जा अपने मोर मुकुट की
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7430
तुलसा कब लेगी विश्राम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7431
जन्म मोहे वृंदावन दीजो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7432
दिल की हर धरखन से
नंदू जी महाराज
श्री कृष्ण
7433
बंसी जोर की बजाई रे नंदलाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7434
चाहे जितना ले ले कान्हा काहे को तरसता है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7435
दूर खड़े क्या देख रहे हो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7436
मोहन को बना लो वकील मुकदमा जारी है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7437
मेरे सांवरे रो रो पुकारू तेरा नाम रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7438
म्हे गजरो लेकर आया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7439
तेरी चौखट पे मेरा सर झुका ही रहे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
7440
एक दिन जाणो रे सांवरिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण