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7129
जो हार के आया है वो जीत के जाएगा पारंपरिक
श्री कृष्ण
7130
चलो फागण का लगा मेला पारंपरिक
श्री कृष्ण
7131
गोविन्द तेरा आसरा गोपाल तेरी आस वे पारंपरिक
श्री कृष्ण
7132
ओ श्याम बाबा नैया लगादो किनारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
7133
फाग का रंग चढ़ा है पारंपरिक
श्री कृष्ण
7134
लेके हाथों में निशान पारंपरिक
श्री कृष्ण
7135
खाटू में आया पहली बार बाबा श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
7136
ध्वजा बना दे एक निराली पारंपरिक
श्री कृष्ण
7137
चिन्तन हो सदा मेरे मन में तेरा पारंपरिक
श्री कृष्ण
7138
तुम मालिक हो मैं नौकर हूं पारंपरिक
श्री कृष्ण
7139
मेरे प्यारे कान्हा तू मेरा चित्तचोर पारंपरिक
श्री कृष्ण
7140
चले आना बांके बिहारी मेरी ऊंची अटारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
7141
तु तो अपना सा लागे मेरे सांवरे पारंपरिक
श्री कृष्ण
7142
खाटू का कण कण यही बोले पारंपरिक
श्री कृष्ण
7143
कहता है श्याम हमारा हारे का साथ दो पारंपरिक
श्री कृष्ण
7144
इसकी मोर छड़ी के आगे सब संकट मिट जाएगा पारंपरिक
श्री कृष्ण
7145
जबसे तेरा नाम लिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
7146
रसीलो फागण आयो रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
7147
मतवाला मतवाला हरी नाम पारंपरिक
श्री कृष्ण
7148
मेरे श्याम जैसा नहीं कोई दूजा पारंपरिक
श्री कृष्ण
7149
लो आया देखो फागण का मेला पारंपरिक
श्री कृष्ण
7150
मेरे सांवरिया सरकार कभी ना छूटे तेरा द्वार पारंपरिक
श्री कृष्ण
7151
चलावे तीर नज़र दे जिगर तो पार हो जावे पारंपरिक
श्री कृष्ण
7152
उनकी रेहमत का झूमर अलका गोएल
श्री कृष्ण