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मुरलिया राधे से बतलाए पारंपरिक
श्री कृष्ण
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मैं होली कैसे खेलू री संत सूरदास
श्री कृष्ण
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हो लखदातार पारंपरिक
श्री कृष्ण
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अगला जन्म भी सांवरे पारंपरिक
श्री कृष्ण
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कब आओगे मुरलिया वाले पारंपरिक
श्री कृष्ण
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हरि के बिना रे तेरी कैसे हो जाए मुक्ति संत कबीर
श्री कृष्ण
6823
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा पारंपरिक
श्री कृष्ण
6824
भगवान तुम्हारी गीता में पारंपरिक
श्री कृष्ण
6825
सारे जग में डंका बाजे पारंपरिक
श्री कृष्ण
6826
हारे के सहारे मेरी सुनले पुकार पारंपरिक
श्री कृष्ण
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वो है श्यामधणी पारंपरिक
श्री कृष्ण
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दिन हो वो ग्यारस का पारंपरिक
श्री कृष्ण
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क्या ऐसी नाराज़ी है पारंपरिक
श्री कृष्ण
6830
लो हारी मैं तो हारी हूँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
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कबसे खड़ी हूँ थारे द्वार पे पारंपरिक
श्री कृष्ण
6832
हे कान्हा मोहे, बहुत सतावत तोरी अखियां पारंपरिक
श्री कृष्ण
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जब जब हम पर विपदा आई पारंपरिक
श्री कृष्ण
6834
जरा सोचले होगी तेरी हंसाई पारंपरिक
श्री कृष्ण
6835
अँखियाँ दे विच सोना श्याम वसदा पारंपरिक
श्री कृष्ण
6836
जय राधे जय राधे पारंपरिक
श्री कृष्ण
6837
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है पारंपरिक
श्री कृष्ण
6838
चरणों से ना हटाना पारंपरिक
श्री कृष्ण
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हाथों को मेरे जिसने है थामा पारंपरिक
श्री कृष्ण
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मेरी और निहार मेरे नन्दकुमार पारंपरिक
श्री कृष्ण