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श्याम बिना क्या ये शाम सुहाए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6746
रे मन हरि सुमिरन कर लीजे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6747
मेरे उठे विरह में पीड़ सखी वृन्दावन जाउंगी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6748
ओ साँवरे दाता मेरे तेरा शुक्रिया है
चित्र विचित्र
श्री कृष्ण
6749
प्रेम से बुलाले बाबो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6750
इधर भी नजर दे फिरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6751
दीनो का पालनहारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6752
टाबरिया अरदास करे है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6753
साँवरे सरकार सुन लो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6754
जब भी श्याम के सेवक पर कोई संकट आएगा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6755
तू है हारे का सहारा मेरे साँवरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6756
मनवा रे मनवा बृज़ में जब जईयो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6757
आ श्यामा सानु लोहड़ी दें
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6758
जीवन में सुख दुःख आते
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6759
ऐहसान तेरा कैसे उतारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6760
हे कान्हा मोहे, बहुत सतावत तोरी अंखिया,
ज्योति नारायण पाठक , रेनुसागर सोनभद्र , 09598050551
श्री कृष्ण
6761
हम तो उस राधे रानी के ससुराल जाते है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6762
तेरा रंग चढ़ जाता है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6763
हम तो प्रेमी पागल है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6764
होली खेल रहे नंदलाल मथुरा की कुंज गलीन में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6765
सांवरे का दरस करा दे हमको
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6766
कितनी कशिश हैं तुझमें बिहारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
6767
बजाओ राधा नाम की ताली
कृष्ण दास भूटानी
श्री कृष्ण
6768
हरि भगतो का है बृज़ में ठिकाना
पारंपरिक
श्री कृष्ण