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आला रे आला कृष्णा गोपाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
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कान्हा का रूप पारंपरिक
श्री कृष्ण
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पाती पढ़ के राधा के पारंपरिक
श्री कृष्ण
5932
नैनन मे पिचकारी दई पारंपरिक
श्री कृष्ण
5933
मेरी आँखें तुझे निहारें पारंपरिक
श्री कृष्ण
5934
भादो की आधी रात लियो जनम पारंपरिक
श्री कृष्ण
5935
फाग खेलन बरसाने आए हैं पारंपरिक
श्री कृष्ण
5936
लियो आज रे जनम नन्दलाल ने पारंपरिक
श्री कृष्ण
5937
मेरे मन में बस गए श्याम , मैं तो गावूं राधे राधे पारंपरिक
श्री कृष्ण
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किसी से क्या मैं मांगू पारंपरिक
श्री कृष्ण
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यशोदा घर देखो पारंपरिक
श्री कृष्ण
5940
नन्द का जो प्यारा लाला गिरधर है गोपाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
5941
कृष्णा की घड़ी जनम की आयी पारंपरिक
श्री कृष्ण
5942
ब्रज के नन्द लाल राधा के साँवरिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
5943
बंसी बरसाने से लाय दूंगी पारंपरिक
श्री कृष्ण
5944
ला लो श्याम जी मेरा भोग गरीब दा पारंपरिक
श्री कृष्ण
5945
मेरो खोए गयो बाज़ुबंध रसिया होरी मे पारंपरिक
श्री कृष्ण
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मैं तो दौड़ी दौड़ी मंदरिया में जाऊं पारंपरिक
श्री कृष्ण
5947
जबसे खाटू में जाने की शुरुआत की पारंपरिक
श्री कृष्ण
5948
क्या क्या कहूँ मैं कृष्णा कन्हैया पारंपरिक
श्री कृष्ण
5949
ओ सांवरे भरोसा मेरा नहीं हारेगा पारंपरिक
श्री कृष्ण
5950
मुरलिया मुख नाल ला ले श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
5951
खाली नहीं लौटा कोई तेरे द्वार से लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण
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खाटू में आके देखो ना पारंपरिक
श्री कृष्ण