दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 248 / 950, कुल 22,784 भजनों में से)
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आला रे आला कृष्णा गोपाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5930
कान्हा का रूप
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5931
पाती पढ़ के राधा के
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5932
नैनन मे पिचकारी दई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5933
मेरी आँखें तुझे निहारें
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5934
भादो की आधी रात लियो जनम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5935
फाग खेलन बरसाने आए हैं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5936
लियो आज रे जनम नन्दलाल ने
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5937
मेरे मन में बस गए श्याम , मैं तो गावूं राधे राधे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5938
किसी से क्या मैं मांगू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5939
यशोदा घर देखो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5940
नन्द का जो प्यारा लाला गिरधर है गोपाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5941
कृष्णा की घड़ी जनम की आयी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5942
ब्रज के नन्द लाल राधा के साँवरिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5943
बंसी बरसाने से लाय दूंगी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5944
ला लो श्याम जी मेरा भोग गरीब दा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5945
मेरो खोए गयो बाज़ुबंध रसिया होरी मे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5946
मैं तो दौड़ी दौड़ी मंदरिया में जाऊं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5947
जबसे खाटू में जाने की शुरुआत की
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5948
क्या क्या कहूँ मैं कृष्णा कन्हैया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5949
ओ सांवरे भरोसा मेरा नहीं हारेगा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5950
मुरलिया मुख नाल ला ले श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5951
खाली नहीं लौटा कोई तेरे द्वार से
लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण
5952
खाटू में आके देखो ना
पारंपरिक
श्री कृष्ण