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मेरे हालात पे तेरी खामोशियाँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5570
हे श्याम तेरी महिमा क्या कहकर सुनाऊँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5571
मेरी सुन ले श्याम प्यारे बिगड़ी को तू संवारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5572
दर्शन तो हमे तुम दे देना भगती से भर देना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5573
हँसा के क्यों रुलाए रे रुलाए रै कन्हैयाँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5574
तू तो सब जाणे रै तेरे से क्या छानी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5575
दर तेरे आज लागिया रोका
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5576
जग घूम लिया सारा मैंनें
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5577
खाटू में खो गयी रे मेरी पायलिया हे श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5578
श्याम मेरे आये सखी सपने
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5579
आंगणो भर जासी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5580
तुझे हर दिन में वसता पाऊ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5581
हरी बोल हरी बोल हरी बोल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5582
जो पागल बांके बिहारी का
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5583
सदा अपनी रसना को रस मये बना दे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5584
आओ बाबा श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5585
देखा अजब नज़ारा दरबार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5586
हरी बोल हरी बोल हरी हरी बोल केशव माधव गोविंद बोल
अनूप जलोटा
श्री कृष्ण
5587
जोगन भेस बनाया
श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
श्री कृष्ण
5588
जलवा हमारे श्याम का खाटू में जा के दिखिये
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5589
दीनान दुख हरण देव संतन हितकारी
संत सूरदास
श्री कृष्ण
5590
है गुरुवर तव चरण कमल में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5591
श्याम मेरे श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5592
नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूंढू सांवरिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण