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प्रीत मोहन से की
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5426
नैन लड़ गए श्याम से और उन्हें फिकर नही है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5427
रहना तू युही मेरे साथ में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5428
नमो नमो विष्णु हरी जी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5429
मेरी नंदलाला संग यारी यह दुनिया जान गई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5430
हरी नाम का प्याला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5431
तेरी बँसी की धुन सुनने
चित्र विचित्र
श्री कृष्ण
5432
ब्रिज में होली खेलन आइयो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5433
आज ख़ुशी है भारी, श्याम जन्मा री
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5434
मटकिया फुट गई हो प्यारी राधे रूठ गई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5435
मैंने लिख दी अर्ज़ी सांवरिया पढ़ के देख
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5436
मन्ने घणा दिन के बाद किया है याद
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5437
कभी फ़ुर्सत हो धनवानों से
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5438
मोहन बस गयो मेरे मन में
अलका गोएल
श्री कृष्ण
5439
मेरे नैन चाहते हैं दीदार साँवरे का
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5440
ठुमक ठुमक पाव धरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5441
जिन्हें देखने को जिए जा रहे हैं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5442
तेरी इन मतवारी आंखों में डरे काजल के डोरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5443
डंका बाजे श्याम का
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5444
मेरे कान्हा लिए है अवतार बधाई बाजन दे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5445
क्या जाने कोई दर्द है दिल
अलका गोएल
श्री कृष्ण
5446
तुम्ही श्याम सुंदर नही दूसरा है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5447
कान्हा और मेरा कोई नही
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5448
नीवा होके चल वे रब नीविया नु मिलदा
पारंपरिक
श्री कृष्ण