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गोकुल से आयो राधे तेरी नगरी में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4970
आंबे आंबे बोले मैया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4971
जब खेलने होली लेकर टोली
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4972
हारा वाले ने लूट लिया दिल मेरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4973
राधा तेरी अखियों का काला काला काजल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4974
छोड़ो मेरा दुपट्टा कान्हाँ अब घर जाना है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4975
मैनु मान है तेरी किरपा दा
अलका गोएल
श्री कृष्ण
4976
गेला हरी कुन्या गांवा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4977
कहता तजुर्बा ये भक्तों का
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4978
नज़रें ज़रा मिला ले ऐ श्याम खाटू वाले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4979
दीवाना मुझको किया साँवरे ने
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4980
चलेंगे सांवरे से मिलने
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4981
हाथ जोड़ कर मांगता हूं ऐसा हो जनम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4982
चौराश्ताकम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4983
गौरी के लाल पहला
अलका गोएल
श्री कृष्ण
4984
श्याम के दरबार से झोली भर कर जायेगे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4985
पधारो जी पधारो जी खाटू के राजा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4986
मोरछड़ी लहरादों थारी कामंगारी रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4987
मेरी ऊँगली गया मरोड़ यशोदा कान्हा तेरा
अलका गोएल
श्री कृष्ण
4988
तू जाने या मैं जानू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4989
म्हारी सुन लो श्याम सरकार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4990
मुझे खाटू बुला ले सांवरिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4991
मीठी मीठी मुरली बजा दे मेरे मोहन
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4992
शीश के दानी महाबलवानी
पारंपरिक
श्री कृष्ण