दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 208 / 950, कुल 22,784 भजनों में से)
4969
गोकुल से आयो राधे तेरी नगरी में पारंपरिक
श्री कृष्ण
4970
आंबे आंबे बोले मैया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4971
जब खेलने होली लेकर टोली पारंपरिक
श्री कृष्ण
4972
हारा वाले ने लूट लिया दिल मेरा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4973
राधा तेरी अखियों का काला काला काजल पारंपरिक
श्री कृष्ण
4974
छोड़ो मेरा दुपट्टा कान्हाँ अब घर जाना है पारंपरिक
श्री कृष्ण
4975
मैनु मान है तेरी किरपा दा अलका गोएल
श्री कृष्ण
4976
गेला हरी कुन्या गांवा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4977
कहता तजुर्बा ये भक्तों का पारंपरिक
श्री कृष्ण
4978
नज़रें ज़रा मिला ले ऐ श्याम खाटू वाले पारंपरिक
श्री कृष्ण
4979
दीवाना मुझको किया साँवरे ने पारंपरिक
श्री कृष्ण
4980
चलेंगे सांवरे से मिलने पारंपरिक
श्री कृष्ण
4981
हाथ जोड़ कर मांगता हूं ऐसा हो जनम पारंपरिक
श्री कृष्ण
4982
चौराश्ताकम पारंपरिक
श्री कृष्ण
4983
गौरी के लाल पहला अलका गोएल
श्री कृष्ण
4984
श्याम के दरबार से झोली भर कर जायेगे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4985
पधारो जी पधारो जी खाटू के राजा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4986
मोरछड़ी लहरादों थारी कामंगारी रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4987
मेरी ऊँगली गया मरोड़ यशोदा कान्हा तेरा अलका गोएल
श्री कृष्ण
4988
तू जाने या मैं जानू पारंपरिक
श्री कृष्ण
4989
म्हारी सुन लो श्याम सरकार पारंपरिक
श्री कृष्ण
4990
मुझे खाटू बुला ले सांवरिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4991
मीठी मीठी मुरली बजा दे मेरे मोहन पारंपरिक
श्री कृष्ण
4992
शीश के दानी महाबलवानी पारंपरिक
श्री कृष्ण