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के होली आई सा रा रा रा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4874
फागुन के मेले में मिल गया श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
4875
मार लो डुबकी मार लो डुबकी गंगा बहती नाम की पारंपरिक
श्री कृष्ण
4876
आयो रंग रंगीला फागन मेला देखन जावन दे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4877
आयो रे आयो रे देखो मदन गोपाल पारंपरिक
श्री कृष्ण
4878
आयी जी फागुन की रुत आयी पारंपरिक
श्री कृष्ण
4879
संसार का सारा सुख केवल श्री राम तुम्हारे चरणों में पारंपरिक
श्री कृष्ण
4880
ले रंग गुलाल चालो चालो रे खाटू धाम पारंपरिक
श्री कृष्ण
4881
श्याम नाख्वारो है बड़ो मतवारो है पारंपरिक
श्री कृष्ण
4882
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4883
आई फागण की रुत आई अब तो आजा श्याम कन्हाई पारंपरिक
श्री कृष्ण
4884
चहल पहल हो खाटू माहि हर ग्यारस की रात पारंपरिक
श्री कृष्ण
4885
महिमा कही ना जावे बाबा श्याम की पारंपरिक
श्री कृष्ण
4886
म्हाने कोई खाटू तो ले चालो पारंपरिक
श्री कृष्ण
4887
मेंलो फागुन को इब के घुमा दे बालमा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4888
छलकत हमरी गगरिया ये कान्हा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4889
लाज राखले मेरे असुवन की पारंपरिक
श्री कृष्ण
4890
राधा ऐसी भई श्याम की दीवानी पारंपरिक
श्री कृष्ण
4891
राजी राजी राखो बाबा फिर थारे दर पे आवा जी पारंपरिक
श्री कृष्ण
4892
मोर छड़ी से ताला खोला दुनिया में सम्मान दिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4893
थारो म्हारो साँवरा कोई बहुत पुराणों पारंपरिक
श्री कृष्ण
4894
मेहर करो सांवरिया नजर करो सांवरिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4895
मोहे खेलन संग तेरे होरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
4896
जिस दिन ए मुरली वाले मैं अपना घर बनवाऊँगी पारंपरिक
श्री कृष्ण