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फागुन मेला आया है उड़े रंग गुलाल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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बाबा श्याम की दीवानी मैं तो बनी रे बनी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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हम हैं सेवादार तेरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
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बाबा मैं हर जन्म तेरा ही दास बनू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4829
कह देना मुरली वाले से
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4830
जो हारे का साथ निभाये बिगड़े काम बनाये
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4831
मैं तो बरसाने से आई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4832
होली के दिन मेरे संवारिये क्यों परदे में तू छिप जाता है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4833
मेरे साईं बाबा मुझे दरस करा जा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4834
छोड़ दे कलाई मोरी मोहना मुरारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4835
मेरे करदिये ठाठ निराले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4836
कान्हा जो तू मुस्काया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4837
तेरे चेहरे में वो जादू है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4838
तेरा लेके उल्हाना आज श्याम मैं नन्द गांव आउंगी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4839
तेरी ऐसी दया मनमोहन हो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4840
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है यह मैं जानू या वो जाने
श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज
श्री कृष्ण
4841
मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा
पूनम यादव
श्री कृष्ण
4842
खाटू वाले मेरे दिल की सुनते क्यों फरियाद नही
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4843
कैसे बैठा रे आलस में मुख्य से राम कह्यो न जाये
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4844
बोल पिंजरे का तोता राम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4845
आयो फागण रंग रंगीलो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4846
ओ मस्त नज़र वाले तेरी याद सताती है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4847
सुनो सांवरे दिल मेरा क्या खुशियों का हकदार नहीं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4848
तेरी मर्जी का मैं हूं गुलाम मेरे अलबेले राम
पारंपरिक
श्री कृष्ण