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अपने मन को ही मंदिर बना लो पारंपरिक
श्री कृष्ण
4394
राम धुन गायी के पारंपरिक
श्री कृष्ण
4395
जब से लिया हम ने तेरा नाम पारंपरिक
श्री कृष्ण
4396
हाथ जोड़ विनती करूँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
4397
तुम रूठे रहो मोहन पारंपरिक
श्री कृष्ण
4398
मेरे संवारे जैसा कोई सेठ नही पारंपरिक
श्री कृष्ण
4399
जिसे तेरी किरपा का श्याम सहारा मिल गया बाबा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4400
सीढ़ियों का रखले सेवादार पारंपरिक
श्री कृष्ण
4401
सांवरे खाटू वाले की महिमा बड़ी पारंपरिक
श्री कृष्ण
4402
तुझ संग प्रीत लगाई सांवरा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4403
राधा तेरे प्यार में पागल कान्हा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4404
आना सुन्दर श्याम हमारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4405
छीन लिया मेरा भोला सा मन अलका गोएल
श्री कृष्ण
4406
दरबार में खाटू वाले के दुःख दर्द मिटाए जाते है पारंपरिक
श्री कृष्ण
4407
सुन सांवरे तुमको कब से पुकारे रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4408
नाचे मदन गोपाल बाज रही पायलिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4409
मैंने रतना लगाई रे राधा तेरे नाम की, पारंपरिक
श्री कृष्ण
4410
मोरे श्याम तुम बिन लागे न जिया लागे न पारंपरिक
श्री कृष्ण
4411
पर्दा हटा के रखना शिंगार करके रखना पारंपरिक
श्री कृष्ण
4412
श्याम संवारा श्याम संवारा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4413
शरण में तुम्हारी हम आये मुरारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
4414
सांवरे हमको अकेले कर गये पारंपरिक
श्री कृष्ण
4415
तेरे संग प्रीत जोड़ ली है जग से रीत तोड़ दी है, जब से दिल दिया है तुज्को इक पल चैन नही मुजको पारंपरिक
श्री कृष्ण
4416
कान्हा कान्हा करती पारंपरिक
श्री कृष्ण