दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 184 / 950, कुल 22,784 भजनों में से)
4393
अपने मन को ही मंदिर बना लो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4394
राम धुन गायी के
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4395
जब से लिया हम ने तेरा नाम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4396
हाथ जोड़ विनती करूँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4397
तुम रूठे रहो मोहन
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4398
मेरे संवारे जैसा कोई सेठ नही
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4399
जिसे तेरी किरपा का श्याम सहारा मिल गया बाबा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4400
सीढ़ियों का रखले सेवादार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4401
सांवरे खाटू वाले की महिमा बड़ी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4402
तुझ संग प्रीत लगाई सांवरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4403
राधा तेरे प्यार में पागल कान्हा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4404
आना सुन्दर श्याम हमारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4405
छीन लिया मेरा भोला सा मन
अलका गोएल
श्री कृष्ण
4406
दरबार में खाटू वाले के दुःख दर्द मिटाए जाते है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4407
सुन सांवरे तुमको कब से पुकारे रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4408
नाचे मदन गोपाल बाज रही पायलिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4409
मैंने रतना लगाई रे राधा तेरे नाम की,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4410
मोरे श्याम तुम बिन लागे न जिया लागे न
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4411
पर्दा हटा के रखना शिंगार करके रखना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4412
श्याम संवारा श्याम संवारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4413
शरण में तुम्हारी हम आये मुरारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4414
सांवरे हमको अकेले कर गये
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4415
तेरे संग प्रीत जोड़ ली है जग से रीत तोड़ दी है, जब से दिल दिया है तुज्को इक पल चैन नही मुजको
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4416
कान्हा कान्हा करती
पारंपरिक
श्री कृष्ण