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हारा हूँ मैं तो मोहन तू ही मुझे जिता दे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4322
लगन लगा ले लगा ले जरा श्याम के नाम से पारंपरिक
श्री कृष्ण
4323
लाज राख ले मेरे अंसुवन की पारंपरिक
श्री कृष्ण
4324
काले कान्हा को कर देंगे लाल मिल के पारंपरिक
श्री कृष्ण
4325
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण
4326
कान्हा छेड़े न माटी फोड़ न पारंपरिक
श्री कृष्ण
4327
श्याम नाम रस पी ले मनवा बूंद बूंद गुण कारी है पारंपरिक
श्री कृष्ण
4328
सज धज कर बैठा है देखो सबका पालनहार है पारंपरिक
श्री कृष्ण
4329
हारे का सहारा तू तेरे भक्तों से सुनता हूँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
4330
तुझे श्याम कहूँ या गोपाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
4331
बरसाना भुलवा के दूर जाया न करो पारंपरिक
श्री कृष्ण
4332
ओ कान्हा ओ कान्हा ना मुझको इतना सता पारंपरिक
श्री कृष्ण
4333
कभी श्यामबाबा से मांग के देखो पारंपरिक
श्री कृष्ण
4334
श्याम मेरी चुनर पे रंग मत डाल पारंपरिक
श्री कृष्ण
4335
एक वादा यही आप से श्याम सुंदर मुझे चाहिए पारंपरिक
श्री कृष्ण
4336
जब से मिली शरण के मेरे दिन बदल गए पारंपरिक
श्री कृष्ण
4337
दर पे तुम्हारे सांवरे सिर को झुका दिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4338
जादूगर रसिया मेरे मन वसिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4339
अब तो लिया री हाथ तेरा थाम पारंपरिक
श्री कृष्ण
4340
मेरे खाटू वाले तेरे दीवाने सारे जहान में पारंपरिक
श्री कृष्ण
4341
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी अलका गोएल
श्री कृष्ण
4342
चरखा परे हटा ले जी मेरी सूरत राम से लागी पारंपरिक
श्री कृष्ण
4343
कृष्ण नाम की रंगी चुनरिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4344
क्यों सताए मुझे क्यों रुलाये मुझे पारंपरिक
श्री कृष्ण