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4321
हारा हूँ मैं तो मोहन तू ही मुझे जिता दे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4322
लगन लगा ले लगा ले जरा श्याम के नाम से
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4323
लाज राख ले मेरे अंसुवन की
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4324
काले कान्हा को कर देंगे लाल मिल के
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4325
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से
विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण
4326
कान्हा छेड़े न माटी फोड़ न
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4327
श्याम नाम रस पी ले मनवा बूंद बूंद गुण कारी है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4328
सज धज कर बैठा है देखो सबका पालनहार है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4329
हारे का सहारा तू तेरे भक्तों से सुनता हूँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4330
तुझे श्याम कहूँ या गोपाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4331
बरसाना भुलवा के दूर जाया न करो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4332
ओ कान्हा ओ कान्हा ना मुझको इतना सता
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4333
कभी श्यामबाबा से मांग के देखो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4334
श्याम मेरी चुनर पे रंग मत डाल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4335
एक वादा यही आप से श्याम सुंदर मुझे चाहिए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4336
जब से मिली शरण के मेरे दिन बदल गए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4337
दर पे तुम्हारे सांवरे सिर को झुका दिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4338
जादूगर रसिया मेरे मन वसिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4339
अब तो लिया री हाथ तेरा थाम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4340
मेरे खाटू वाले तेरे दीवाने सारे जहान में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4341
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी
अलका गोएल
श्री कृष्ण
4342
चरखा परे हटा ले जी मेरी सूरत राम से लागी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4343
कृष्ण नाम की रंगी चुनरिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4344
क्यों सताए मुझे क्यों रुलाये मुझे
पारंपरिक
श्री कृष्ण