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बाबा जी नैन रसीला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4274
कृपा कर दो कृपासिंधु
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4275
हारे हुओ की मंजिल है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4276
कद तू आवेगो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4277
अपनी मस्ती मस्ती मस्ती में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4278
ना ज्यादा ना कम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4279
हमारे श्याम आज दूल्हा बने है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4280
मने कोए मिला दो ने बाबा श्याम की गेल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4281
मुझे तुम याद आते हो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4282
मारे कंकरिया काहे को फोड़ी मटकी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4283
मुरली मधुर बजाना मेरे संवारे कन्हिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4284
कन्हिया मन मोहनी तस्वीर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4285
तेरे दिल से अपने दिल को जोड़ लिया है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4286
चाहे तू ऊँगली पे पर्वत उठा ले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4287
मेरे राधा लठियां मत मारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4288
जल जाए जिहवा पापिनी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4289
तेरे नाम से हो सुबह
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4290
मैं तो हुई दीवानी सुन लो जी चित चोर कन्हियाँ की
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4291
चलो जी खाटू धाम बाबा श्याम बुलाये
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4292
जिंदगी जब तक रहे बन्दगी तेरी करे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4293
जब से खाटू वाले से प्यार हो गया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4294
नए साल का करो स्वागत सांवरिया के संग
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4295
सुध बुध मैंने गवाई ओ मोहन
पारंपरिक
श्री कृष्ण
4296
सागर में नैय्या कृष्ण कन्हियाँ
पारंपरिक
श्री कृष्ण