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अर्पण किया है श्याम को पारंपरिक
श्री कृष्ण
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हारे का सहारा है तू पारंपरिक
श्री कृष्ण
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श्याम जी तेरा खाटू का दरबार पारंपरिक
श्री कृष्ण
4228
धीरे धीरे बांसुरी बजा जा रे कन्हैया पारंपरिक
श्री कृष्ण
4229
पर्दा मुख से हटा बंसी वाले पारंपरिक
श्री कृष्ण
4230
आसरा इक तुम्हारा मुझे संवारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4231
दिल की पुकार पारंपरिक
श्री कृष्ण
4232
जन्मो का संस्कार तेरे द्वारे लाया है पारंपरिक
श्री कृष्ण
4233
हस्ते हस्ते दर पे जाओ श्याम धनि पारंपरिक
श्री कृष्ण
4234
बाबा मुझे तेरा सहारा पारंपरिक
श्री कृष्ण
4235
अब मुझे बंसी सुनाना नही पारंपरिक
श्री कृष्ण
4236
थारे सेठजी रो सेठ म्हारो बाप लागे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4237
श्री गोवर्धनवासी सांवरे लाल तुम बिन रह्यो न जाये पारंपरिक
श्री कृष्ण
4238
तेरे नाम के पागल हैं पारंपरिक
श्री कृष्ण
4239
मन है व्याकुल पारंपरिक
श्री कृष्ण
4240
मोये छेड़ा मुरलियां वाले ने पारंपरिक
श्री कृष्ण
4241
दिया नाथ ने दुष्ट को करनी का परिणाम पारंपरिक
श्री कृष्ण
4242
दुःख हरो द्वारिका नाथ सरन मैं तेरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
4243
सांवरिया मन भाये गेयो रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
4244
मैं तेरी हो गई श्याम शोर है गली गली पारंपरिक
श्री कृष्ण
4245
आली रे मेरी नैना बाण पड़ी पारंपरिक
श्री कृष्ण
4246
कान्हा तूने तोडा है ये मेरा दिल पारंपरिक
श्री कृष्ण
4247
खूब सजो शिंगार थारो पारंपरिक
श्री कृष्ण
4248
संवारा मेरा है पारंपरिक
श्री कृष्ण