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अब तो बुला दरबार संवारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
3458
मेरे संवारे सुनो जरा पारंपरिक
श्री कृष्ण
3459
सर पे मेरे हाथ फिराये पारंपरिक
श्री कृष्ण
3460
घर से बेघर हो गया दीवाना घर से चल दियां पारंपरिक
श्री कृष्ण
3461
ओ रे वनवारी तेरी बतियाँ न मानु पारंपरिक
श्री कृष्ण
3462
रटना तू राधे जीवन सफल बना ले पारंपरिक
श्री कृष्ण
3463
बाजी बाजी रे यमुना का तीर मुरली कान्हा की पारंपरिक
श्री कृष्ण
3464
थारी याद सतावे आधी राता मे पारंपरिक
श्री कृष्ण
3465
श्याम दीवानी पारंपरिक
श्री कृष्ण
3466
मेरे सांवरे मेरे खाटू श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
3467
वृषभान की दुलारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
3468
राधा रानी से मिलना बड़ा जरुरी पारंपरिक
श्री कृष्ण
3469
तेरा रूप सजा के नैयन में पारंपरिक
श्री कृष्ण
3470
जाओ जाओ वृंदावन एह उधो पारंपरिक
श्री कृष्ण
3471
खाटू वाले हो खाटू वाले पारंपरिक
श्री कृष्ण
3472
हम को भी भुला लेना तू खाटू में इस बार पारंपरिक
श्री कृष्ण
3473
मैं जाण्यो नाहीं हरि से मिलण कैसे होय मीरा बाई
श्री कृष्ण
3474
कुछ लेना न देना मगन रेहना संत कबीर
श्री कृष्ण
3475
कितने गिनाऊ एहसान पारंपरिक
श्री कृष्ण
3476
करुणामयी स्वामिनी श्री राधे पारंपरिक
श्री कृष्ण
3477
चोरी चोरी माखन खाए नटखट माखन चोर पारंपरिक
श्री कृष्ण
3478
मैं गोरी गोरी गुजरी तू घना काला से पारंपरिक
श्री कृष्ण
3479
हो मेरे कर दिए ठाठ निराले बाबा ने खाटू वाले पारंपरिक
श्री कृष्ण
3480
जन्मे जन्मे कृष्ण मुरार पारंपरिक
श्री कृष्ण