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3409
जिनके हाथों मे सुदर्शन चक्र रहे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3410
बरसाने वाली से इक फ़ोन करा देंगे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3411
राधा रानी प्रगत भई बाजे शेहनाई बरसाने
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3412
हे मेरे श्याम लो खरब मोरी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3413
तेरे दीवाने हां तेरे दीवाने
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3414
अब आन मिलो मोहन
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3415
तेरी झोली भर देगा तू खाटू जाके देख ले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3416
जपले कृष्ण कन्हैया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3417
रंग रंगीला छैल छबीला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3418
ढोलिया ढोल बजा दे जमके जनम लियो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3419
कैसे दिल को प्रभु सम्बाले ये मचलता है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3420
बड़ा शुभ दिन पावन दिन जन्मी है राधा रानी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3421
दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अखियाँ प्यासी रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3422
हे बरसाने वाली राधे हम पे किरपा बरसा दो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3423
मैं ता कुंज गली विच टोला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3424
तेरी बंदगी में बीते ये जिन्दगी हमारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3425
दही की मटकियाँ में डारो काहे हाथ है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3426
श्री कृष्ण की किरपा से उधार हो गया है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3427
भानु भवन चल देवो री वधाई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3428
श्याम भरोसे नाव् मेरी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3429
तेरा द्वार नहीं छोड़ा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3430
रोज सारे गम हमारे दूर करता कौन है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3431
यही तमना हर प्रेमी की
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3432
मालिक है जब तू ही मेरा किस से आस लगाऊ
पारंपरिक
श्री कृष्ण