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3097
गोबिंद चले आओ गोपाल चले आओ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3098
क्या करे अनोखे वार रसिया होरी में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3099
लाल रंग डारेयो गुलाबी मिलई के
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3100
राधे जी ये सोच के सोया करती है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3101
सुंदर भवन सजा श्याम तेरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3102
बाबा के मंदिर को सोने का बनाना है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3103
कान्हा रे कान्हा छेड़ दी तूने एसी बंसी की तान
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3104
ओ रे खाटू वाले खाटू बुलाले
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3105
तुझे मन से पुकारू तुझे दिल में उतारू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3106
आओ नी आओ प्यारा सांवरिया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3107
अब किसी महफ़िल में जाने
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3108
खावे माखन ते मिश्री गोपाल वे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3109
अगर श्याम काम आया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3110
मैं हु राधा रानी अपने श्याम की दीवानी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3111
दामोदर स्तुति
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3112
मोहन मुझे है भा गई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3113
सांवरे हमसे मिलने आओ तो कभी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3114
आ जाओ मेरे सँवारे मंदिर को छोड़कर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3115
आजा करले बेठ के अपने दिल की बात
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3116
मेरे हाथों में खींच दे लकीर सांवरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3117
कान्हा बजाये बाँसुरी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3118
मुरली ने लुट लेया चैन कन्हियाँ तेरी मुरली ने लुट लिया चैन,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3119
चाहे पड़ जाए छाले पाओ में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
3120
आया जन्मदिन आया भगतो का मन हर्षाया
पारंपरिक
श्री कृष्ण