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2977
कान्हा कंकरियां जोर की दे मारी रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2978
मेरा मन पंछी ये चाहे उड़ वृन्दावन जाऊँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
2979
हाल अपना सुनाऊ किसे साँवरे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2980
राधे दयाल हो गई पारंपरिक
श्री कृष्ण
2981
विस्वास सांवरे का पारंपरिक
श्री कृष्ण
2982
प्रभु से जो मिला वो भी कुछ कम नही पारंपरिक
श्री कृष्ण
2983
थाणे आ कई सूजी रे राधा राधा रसिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
2984
वृंदावन धाम जो गया पारंपरिक
श्री कृष्ण
2985
तेरी पसंद की खीर पारंपरिक
श्री कृष्ण
2986
दशा मुझ दीं की भगवान पारंपरिक
श्री कृष्ण
2987
गुरुदेव सांवरिया मेरे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2988
मेरी लाज रखो रघुनन्दन पारंपरिक
श्री कृष्ण
2989
मेरे श्याम सौंप दिया है अपनी जीवन कि नैया तुझे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2990
तू मंदिर में बंद और मैं घर में बंद पारंपरिक
श्री कृष्ण
2991
तेरे प्यार का आसरा चाहता हु पारंपरिक
श्री कृष्ण
2992
जय जय गऊ माता पारंपरिक
श्री कृष्ण
2993
जब श्याम ने पकड़ी कलाई फ़िक्र फिर क्या करना पारंपरिक
श्री कृष्ण
2994
सांवरिया चैन चुराए गेयो रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2995
तेरे चरणों में सिर को जुकाया करू पारंपरिक
श्री कृष्ण
2996
अपनी दीवानी को बिरहन बना के पारंपरिक
श्री कृष्ण
2997
झनक उठे पाओ की प्यालियाँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
2998
बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2999
मैया तेरो कान्हा माखन चोर पारंपरिक
श्री कृष्ण
3000
जाने जग सखी मैं ही न जानू पारंपरिक
श्री कृष्ण