दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 117 / 950, कुल 22,784 भजनों में से)
2785
श्याम तुम शामल ही रहियो पारंपरिक
श्री कृष्ण
2786
इनको नजर न लग जाए पारंपरिक
श्री कृष्ण
2787
खाटू जाना तो बताना पारंपरिक
श्री कृष्ण
2788
सखी बिनु राधा कान्हा कछु नाहीँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
2789
झूला झूले सांवरिया सवान रे ऋतू आई पारंपरिक
श्री कृष्ण
2790
हर सास में हो सुमिरन तेरा पारंपरिक
श्री कृष्ण
2791
हरी भज रे उम्र बीत चली पारंपरिक
श्री कृष्ण
2792
प्रभु सुनो विनती हमारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2793
किस्मत वालों को मिलता है श्याम तेरा दरबार पारंपरिक
श्री कृष्ण
2794
श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया रंग दे मेरा चोला पारंपरिक
श्री कृष्ण
2795
कर्मण की गति न्यारी रे बिहारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2796
श्याम नाल अंख लड़ गई पारंपरिक
श्री कृष्ण
2797
अब कैसे छूटे राम रट लागी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2798
जो भजते मुझे भाव से मैं उनका ही बन जाता पारंपरिक
श्री कृष्ण
2799
कान्हा प्रगट भये जी प्रगट भये पारंपरिक
श्री कृष्ण
2800
आज खुला कारागार कृष्णा ने लियो अवतार पारंपरिक
श्री कृष्ण
2801
कृपा सरोवर कमल मनोहर कृष्ण चरण गहिए पारंपरिक
श्री कृष्ण
2802
तेरी मटकन चटकन लटकन पे बलिहारी रे बलिहारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2803
कभी कहूं में राधे राधे कभी कहूं घनश्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
2804
तेरा शुकर करूँ हर बार ऐ खाटू वाले पारंपरिक
श्री कृष्ण
2805
जरा इतना बता दे कान्हा पारंपरिक
श्री कृष्ण
2806
मैं हरी नाम नित गाऊ पारंपरिक
श्री कृष्ण
2807
जहा तक असर है वाहा तुम ही तुम हो पारंपरिक
श्री कृष्ण
2808
बरसने में रहने से राधे राधे केहने से पारंपरिक
श्री कृष्ण