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बाबा सारे प्रेमी दर्शन को तरसते है पारंपरिक
श्री कृष्ण
2762
फोड़े क्यों मटकी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2763
खाटू वाला खाटू वाला ओ लीले घोरे वाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
2764
जीवन ये मेरा मुझको तेरे नाम ही करना है पारंपरिक
श्री कृष्ण
2765
बंसी बरसाने से ला ये दूंगी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2766
सुनो जी प्रभु विनती मोरी इक पारंपरिक
श्री कृष्ण
2767
राधे कहे कृष्ण कृष्ण सीता कहे राम राम पारंपरिक
श्री कृष्ण
2768
कान्हा बैठो कदम की डारिया रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2769
कौन सुनेगा किसको सुनाऊं किसलिये चुप बैठे हो पारंपरिक
श्री कृष्ण
2770
साधो मैं बैरागन हरी की पारंपरिक
श्री कृष्ण
2771
ग्यारस की यादें पारंपरिक
श्री कृष्ण
2772
चर्चे तुम्हारी दातारी के ऐसे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2773
खाटूवाला मेरे साथ है पारंपरिक
श्री कृष्ण
2774
बता दो उधो कब आएंगे कन्हैया पारंपरिक
श्री कृष्ण
2775
हारे का तू है सहारा सांवरे पारंपरिक
श्री कृष्ण
2776
कान्हा क्यों तूने बजाई बंसुरिया, पारंपरिक
श्री कृष्ण
2777
श्याम सुन्दर से बोली मुरलिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
2778
मुरली वाले से जिनकी प्रीत है पारंपरिक
श्री कृष्ण
2779
खेती करो रे हरी नाम की संत कबीर
श्री कृष्ण
2780
बृज में अजब हुआ आज उजाला पारंपरिक
श्री कृष्ण
2781
श्याम मनमोहन है मन को मोहे जाए पारंपरिक
श्री कृष्ण
2782
मिश्री से मीठे कान्हा जी पारंपरिक
श्री कृष्ण
2783
वृन्दावन जाना ए जरूर वे माहिआ सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण
2784
जीमो जीमो सांवरिया छप्पन पारंपरिक
श्री कृष्ण