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1777
आया छोड़ के सारा संसार
पारंपरिक
हनुमान जी
1778
सोने से जड़ी लंका को
गिरधर महाराज
हनुमान जी
1779
आजा ओ मेरे बजरंगबली भक्तों ने तुझे पुकारा है
पारंपरिक
हनुमान जी
1780
मेरे वीर हनुमान प्यारे प्यारे
पारंपरिक
हनुमान जी
1781
झूम झूम के नाचे रे हनुमान जी
पारंपरिक
हनुमान जी
1782
जय जय हो हनुमान जय हो तेरी हनुमान
पारंपरिक
हनुमान जी
1783
मन में वसे जिनके सिया राम
पारंपरिक
हनुमान जी
1784
बड़े अजब अनोखे काम है मेरे हनुमत वीर के
पारंपरिक
हनुमान जी
1785
जय बाबा की जय बाबा की करता जाऊ गा
पारंपरिक
हनुमान जी
1786
अंजनी का लाला
पारंपरिक
हनुमान जी
1787
तेरी याद सतावे हो घाटे वाले मने भुलाले
पारंपरिक
हनुमान जी
1788
बाबा तूने भक्तों को सब कुछ दिया
पारंपरिक
हनुमान जी
1789
बाला ल्या दे रे संजीवन
सौरभ मधुकर
हनुमान जी
1790
बाबा सुन ले मेरे दिल की पुकार
पारंपरिक
हनुमान जी
1791
जो बोले जय जय कार बाबा सुनेगें पुकार
पारंपरिक
हनुमान जी
1792
माँ दर्शन का फल ना मिलता
पारंपरिक
हनुमान जी
1793
बाला जी क्यों बाँध लिए पाया में घुंगरू आज
पारंपरिक
हनुमान जी
1794
ले चल मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन पावेंगे
पारंपरिक
हनुमान जी
1795
मेहंदीपुर और सालासर में
पारंपरिक
हनुमान जी
1796
हवा में उड़ता जाए रे मेरा राम दुलारा
पारंपरिक
हनुमान जी
1797
राम जी के संग हनुमाना
पारंपरिक
हनुमान जी
1798
बालाजी यो होया रोग पुराना हो
पारंपरिक
हनुमान जी
1799
राम नाम का खटका
पारंपरिक
हनुमान जी
1800
भरत पियारा मेरो नाम हनुमान
पारंपरिक
हनुमान जी