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937
आया हूँ दर पे तेरे पारंपरिक
हनुमान जी
938
हर एक गम में हनुमत तुम्ही याद आये पारंपरिक
हनुमान जी
939
मेरे बजरंगबली तीनो लोक में छाए हुए हैं पारंपरिक
हनुमान जी
940
व्याकुल लखन पड़ा है जमीन पर पारंपरिक
हनुमान जी
941
पाताल विजय करके आए उल्टे हनुमान जी पारंपरिक
हनुमान जी
942
जग में डंका बाज रया पारंपरिक
हनुमान जी
943
बाबो आव दोड़यो पारंपरिक
हनुमान जी
944
कैसी है रावण लंका पारंपरिक
हनुमान जी
945
मेरे रोम रोम में राम बसें पारंपरिक
हनुमान जी
946
लंका में जाकर वीर ऐसे कह देना पारंपरिक
हनुमान जी
947
एक बंदर बलवान तेरी लंका में आया है पारंपरिक
हनुमान जी
948
डंका बजवा दिया बजरंग बाला ने संत तुलसीदास
हनुमान जी
949
मेरा लाल लंगोटे वाला पल में दौड़ा आता है पारंपरिक
हनुमान जी
950
भरके आंखो में आंसू कहां राम ने पारंपरिक
हनुमान जी
951
चले हनुमान मेरे आये , श्रीराम जी की धूम मचाये : पारंपरिक
हनुमान जी
952
ॐ हं हनुमत्ये नमो नमः पारंपरिक
हनुमान जी
953
घर में मैया जी आई पारंपरिक
हनुमान जी
954
राम मंदिर बना अयोध्या पारंपरिक
हनुमान जी
955
एक गिलहरी पारंपरिक
हनुमान जी
956
आएंगे जरूर बाबा आएंगे जरूर पारंपरिक
हनुमान जी
957
राम का दीवाना पारंपरिक
हनुमान जी
958
हनुमान कूद गए लंका में पारंपरिक
हनुमान जी
959
हनुमान गगरिया भरने दो पारंपरिक
हनुमान जी
960
बोली हनुमान से यू जनक नंदिनी पारंपरिक
हनुमान जी