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73
जिस घर में रामायण की चर्चा होती रहती है पारंपरिक
हनुमान जी
74
बोलो श्री राम जी की जय जय पारंपरिक
हनुमान जी
75
मंगल को जन्मे मंगल ही करते मंगल मई हनुमान पारंपरिक
हनुमान जी
76
फूंक दिया रे सोने की लंका पारंपरिक
हनुमान जी
77
वीरो के वीर बजरंग बलि पारंपरिक
हनुमान जी
78
मेरी माँ के लंगर वीर पारंपरिक
हनुमान जी
79
हे राम का आज्ञाकारी हे शंकर का अवतारी पारंपरिक
हनुमान जी
80
मोहे राम जी से मिलवाये दो हनुमत बजरंगी प्यारे पारंपरिक
हनुमान जी
81
झूला झूल रही मेरी मईया पारंपरिक
हनुमान जी
82
हनुमान तेरा कर्जा मैं कैसे चुकाऊ गा पारंपरिक
हनुमान जी
83
बजरंग बलि है सब से प्यारे राम के दुलारे पारंपरिक
हनुमान जी
84
हनुमान राम के प्यारे पारंपरिक
हनुमान जी
85
चाहे मंगलवार हो चाहे शनिवार पारंपरिक
हनुमान जी
86
बजा दिया लंका में डंका हनुमत ने राम के नाम का पारंपरिक
हनुमान जी
87
श्री राम को रिझाऐ पारंपरिक
हनुमान जी
88
मेरे श्याम की हवेली पारंपरिक
हनुमान जी
89
राम नाम को जपता सुबहो शाम है पारंपरिक
हनुमान जी
90
मंगल के मगंल करता पारंपरिक
हनुमान जी
91
हनुमान के सेवक हम है पारंपरिक
हनुमान जी
92
सालासर मे बेठयो बाबो संकट काटे रे पारंपरिक
हनुमान जी
93
मन्ने दर्शन देदे हनुमान बहुत दुःख पा पारंपरिक
हनुमान जी
94
आज भूखा न सोये कोई पारंपरिक
हनुमान जी
95
आज्ञा नहीं है माँ मुझे किसी और काम की पारंपरिक
हनुमान जी
96
कण कण में महाकाल वसे है पारंपरिक
हनुमान जी