ऐसा श्याम है मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shyamdhani Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

खाटू आजा श्याम शरण में, देगा यही सहारा

ऐसा श्याम है मेरा, ऐसा श्याम है मेरा

हार गया जो फिर ना हारा, जिसने श्याम पुकारा

ऐसा श्याम है मेरा, ऐसा श्याम है मेरा

तू सौंप दे जीवन नैया, फिर श्याम मेरा ये चलाए

डगमग फिर ना डोले, जब श्याम ये पार लगाए

उलझन को तेरी मिटाके, ये श्याम जो राह दिखाए

पड़े भीड़ में ना तू अकेला, जब श्याम ये साथ निभाए

बांह पकड़ ली, श्याम ने जिसकी, हो…

बांह पकड़ ली, श्याम ने जिसकी, जीवन उसका सँवारा

ऐसा श्याम है मेरा, हो…ऐसा श्याम है मेरा

तेरी मुश्किल की घड़ियों में, तुझे देगा श्याम दिखाई

तू हार के जब भी पुकारे, तेरा बन जायेगा सहाई

घनघोर अँधेरों को भी, मेरा श्याम ये दूर भगाए

जब किया भरोसा इस पे, फिर क्यूं तू यूं घबराए

ठोकर खाने से ही पहले, हो…

ठोकर खाने से ही पहले, बना है श्याम सहारा

ऐसा श्याम है मेरा, ऐसा श्याम है मेरा

मतलब की इस दुनिया में, यहां दिल से सभी हैं खेले

मेरा श्याम शीश का दानी, तेरे दुःख सारे जो झेले

ये पालनहार बनके, करे पार तेरी ये नईया

पतवार "चमन" ये पकड़ के, बन जाए तेरा खिवैया

चमकते इन नैनों में देखो, हो…

चमकते इन नैनों में देखो, बैठा श्याम हमारा

ऐसा श्याम है मेरा, ऐसा श्याम है मेरा

[Bhakt Bharat Lyrics]

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।