वो महाकाल सरकार है

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Bhole Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तीन लोक के स्वामी है वो सर्व जगत आधार है

देवो में वो है देव बड़े वो सबके पालन हार है

अवंतिका नगरी जो बैठे करके भस्म श्रृंगार है…..

महाकाल सरकार है वो महाकाल सरकार है।

क्षिप्रा के तट बैठे वो देवो में देव निराले

काल कपाल भी काँपे ऐसे महाकाल मतवाले

जिनकी छाँया में पलता है ये सारा संसार है

महाकाल सरकार है वो महाकाल सरकार है।

संतो की वाणी लिरिक्स

उज्जयिनी के राजा वो कण कण में उनका वास

भस्म रमाकर बैठे पूरी करते सबकी आस

चैन मिले बैचैन को ऐसा उनका दरबार है

महाकाल सरकार है वो महाकाल सरकार है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।