ऐसी बानी बोलिए, मन का आपा खोय।
औरन को सीतल करै, आपहु सीतल hoy॥
सूरश्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा॥
विघ्न हरण मंगल करन, श्री गणपति महाराज।
प्रथम निमंत्रण आपको, पूर्ण कीजो काज॥
नाम जपे से पाप नशावे, जन्म मरण के फेर मिटावे।
संतन के संग मन रंग लीजै, जीवन सफल बनावे॥
सूरश्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा॥
विघ्न हरण मंगल करन, श्री गणपति महाराज।
प्रथम निमंत्रण आपको, पूर्ण कीजो काज॥
हरि ॐ तत्सत् नारायण, वासुदेव सुख रास।
जो यह पद निशदिन सुने, पूरे मन की आस॥