विद्यां ददाति विनयं

पारंपरिक
माता सरस्वती मंत्र Mantra Vedic Mantra
॥ पावन पाठ ॥

विद्यां ददाति विनयं,

विनयाद् याति पात्रताम् ।

पात्रत्वात् धनमाप्नोति,

धनात् धर्मं ततः सुखम् ॥

हिन्दी भावार्थ:

विद्या विनय देती है, विनय से पात्रता आती है, पात्रता से धन आता है, धन से धर्म होता है, और धर्म से सुख प्राप्त होता है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।