वेंकटाचल निलयं

पारंपरिक
श्री कृष्ण मंत्र Mantra Shri Vishnu Mantra
॥ पावन पाठ ॥

वेंकटाचल* निलयं वैकुण्ठ पुरवासं

पङ्कज नेत्रं परम पवित्रं

शङ्क चक्रधर चिन्मय रूपं

वेंकटाचल निलयं वैकुण्ठ पुरवासं

पङ्कज नेत्रं परम पवित्रं

शङ्क चक्रधर चिन्मय रूपं

अम्बुजोद्भव विनुतं अगणित गुण नामं

तुम्बुरु नारद गानविलोलं

वेंकटाचल निलयं वैकुण्ठ पुरवासं

पङ्कज नेत्रं परम पवित्रं

शङ्क चक्रधर चिन्मय रूपं

मकर कुण्डलधर मदनगोपलं

भक्त पोषक श्री पुरन्दर विठलं

वेंकटाचल निलयं वैकुण्ठ पुरवासं

पङ्कज नेत्रं परम पवित्रं

शङ्क चक्रधर चिन्मय रूपं

वेंकटाचल निलयं -[i] *वेङकटाचलनिलयम्[/i]

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।