वीर सावरकर

पारंपरिक
श्री कृष्ण संत साहित्य Bhakt Veer Savarkar Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | वीर सावरकर

वास्तविक नाम - विनायक दामोदर सावरकर

जन्म तिथि - 28 मई 1883, भागुर

जन्म स्थान - आगरा, आगरा और अवध संयुक्त प्रांत, ब्रिटिश भारत

भाषाएँ: हिंदी, संस्कृत, अंग्रेज़ी, मराठी

मृत्यु: 26 फ़रवरी 1966 (आयु 82 वर्ष), मुंबई

शिक्षा: द सिटी लॉ स्कूल (1909), फर्ग्यूसन कॉलेज (1902-1905), विल्सन कॉलेज, मुंबई विश्वविद्यालय

पार्टी: हिंदू महासभा

वैवाहिक स्थिति - विवाहित

पत्नी - यमुनाबाई सावरकर

प्रसिद्ध - स्वतंत्रता सेनानी

प्रसिद्ध पुस्तक - हिंदुत्व: हिंदू कौन है?

विनायक दामोदर सावरकर, जिन्हें वीर सावरकर के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रवादी विचारक, समाज सुधारक, कवि और लेखक थे। संतो की वाणी के अनुसार, उन्हें आधुनिक भारतीय इतिहास में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता है।

❀ सावरकर ने क्रांतिकारी संगठन अभिनव भारत सोसाइटी की स्थापना की और लंदन स्थित इंडिया हाउस से जुड़े रहे, जहाँ उन्होंने युवा क्रांतिकारियों को प्रेरित किया।

❀ उन्हें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की सेलुलर जेल में दो आजीवन कारावास (50 वर्ष) की सजा सुनाई गई, जहाँ उन्होंने कठोर परिस्थितियों का सामना किया।

❀ उन्होंने अस्पृश्यता उन्मूलन, अंतर्जातीय भोजन और आधुनिक वैज्ञानिक सोच की वकालत की।

❀ बाद में वे हिंदू महासभा के अध्यक्ष बने और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक थे।

वीर सावरकर: हिंदुत्व और संस्कृति पर प्रसिद्ध उद्धरण

❀ हिंदुत्व केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक इतिहास है।

❀ एक हिंदू वह है जो भारत को अपनी जन्मभूमि और पवित्रभूमि दोनों मानता है।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

वीर सावरकर | Veer Savarkar

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।