वीर हनुमाना राम का दीवाना

संत सूरदास
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना,

वीर हनुमाना राम का दीवाना,

राम का दीवाना,

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना ॥

दिन देखे ना रात ये,

फेरे माला राम की,

ना परवाह किस काम की,

परवाह अपने राम की,

राम की लगन में हैं मगन बड़े,

राम की शरण मे हैं अटल खड़े,

राम गुण गाये हर पल,

झूमे है दीवाना,

झूमे है दीवाना,

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना ॥

बचपन की एक बात है,

जब छोटे से लाल थे,

सूरज निगल गए मुहं में,

ऐसे अंजनी लाल थे,

देवो ने जब विनती करी,

तब बाला को समझ परी,

मन से ये भोले तन से,

वीर बलवाना,

वीर बलवाना,

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना ॥

दुष्टों के ये काल हैं,

संतन के प्रतिपाल हैं,

रावण का भ्रम तोड़कर,

बने राम रखवाल हैं,

रामजी का नाम लिए गरजे बली,

काट डाले फंद सब वीर बली,

भूत प्रेत ढूंढे डरकर,

अपना ठिकाना,

अपना ठिकाना,

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना ॥

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना,

वीर हनुमाना राम का दीवाना,

राम का दीवाना,

॥ दोहा ॥

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।