उठ खड़ा हो लक्ष्मण भैया जी ना लगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

उठ खड़ा हो लक्ष्मण भैया जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥

सुनले लक्ष्मण भैया रोएगी तेरी मैया,

मुखड़ा दिखलाऊंगा कैसे,

मुखड़ा दिखलाऊंगा कैसे,

जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥

सुन मेरे बजरंगी अब तू ही मेरा संगी,

ला कर दे संजीवन बूटी,

ला कर दे संजीवन बूटी,

जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥

संजीवन बूटी लाई लक्ष्मण को घोल पिलाई,

गले मिल गये दोनो भैया,

गले मिल गये दोनो भैया,

जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥

भक्त मंडल ने गाइ तेरी महिमा बर्नी ना जाये,

भव सागर मे नैया डोले,

भव सागर मे नैया डोले,

जी ना लगे,

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥

SantoKiVani Lyrics

उठ खड़ा हो लक्ष्मण भैया जी ना लगे,

॥ दोहा ॥

लखनवा नही जाना की जी ना लगे ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।