ऊँचे ऊँचे पर्वत पे, शारदा माँ का डेरा है

संत सूरदास
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ऊँचे ऊँचे पर्वत पे,

शारदा माँ का डेरा है,

मतलब की दुनिया में,

सच्चा प्रेम तेरा है,

ऊंचे ऊंचे पर्वत पे,

मैया का बसेरा है,

मतलब की दुनिया में,

सच्चा प्रेम तेरा है ॥

अपनी सारी जिंदगी,

हमने तेरे नाम कर दी,

खुशियां या गम देना,

अम्बे माँ तेरी मर्जी,

तू जो चाहे होवे शाम,

चाहे तो सवेरा है,

मतलब की दुनिया में,

सच्चा प्रेम तेरा है ॥

सूरत नैनो में बसा,

अखियां में बंद कर लूँ,

देवी मैया तुझसे,

बातें मैं चंद कर लूँ,

देखूं तुझे जी भर के,

यही ख्वाब मेरा है,

मतलब की दुनिया में,

सच्चा प्रेम तेरा है ॥

रोते रोते जो आते,

मुस्कान ले जाते है,

खोया जो जीवन में,

सुख सारे पाते है,

कटे तेरी कृपा से माँ,

दुखो का ये घेरा है,

मतलब की दुनिया में,

सच्चा प्रेम तेरा है ॥

ऊँचे ऊँचे पर्वत पे,

शारदा माँ का डेरा है,

मतलब की दुनिया में,

सच्चा प्रेम तेरा है,

ऊंचे ऊंचे पर्वत पे,

मैया का बसेरा है,

मतलब की दुनिया में,

सच्चा प्रेम तेरा है ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।