तुम्हे वंदना तुम्हें वंदना

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Diwali Lakshmi Ganesh Puja Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तुम्हे वंदना तुम्हें वंदना,

हे बुद्धि के दाता,

सब वेदों के ज्ञाता,

तुम्हें वंदना तुम्हें वंदना ॥

एक दंत दयावंत,

चार भुजा धारी,

माथे पे सिंदूर सोहे,

मूसे की सवारी,

मैया तुम्हे बुलाए,

गोरा तुम्हे बुलाए,

कह कह के ललना,

तुम्हें वंदना तुम्हें वंदना ॥

पान चढ़े फूल चढ़े,

और चढ़े मेवा,

लड्डअन का भोग लगे,

संत करें सेवा,

भोले बाबा तुम्हें झुलावे,

शंकर बाबा तुम्हें झुलावे,

रेशम के पलना,

तुम्हें वंदना तुम्हें वंदना ॥

अंधन को आंख देत,

कोडिन को काया,

बांझन को पुत्र देत,

निर्धन को माया,

भक्तों की विनती को,

दीनों की विनती को,

अब गणपति जी सुनना,

तुम्हें वंदना है तुम्हें वंदना ॥

तुम्हे वंदना तुम्हें वंदना,

हे बुद्धि के दाता,

सब वेदों के ज्ञाता,

॥ दोहा ॥

तुम्हें वंदना तुम्हें वंदना ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।